http://rajeshtripathi4u.blogspot.in/ Kalam Ka Sipahi / a blog by Rajesh Tripathi कलम का सिपाही/ राजेश त्रिपाठी का ब्लाग: लग गयी मुल्क को किसकी नजर

Wednesday, September 4, 2013

लग गयी मुल्क को किसकी नजर



राजेश त्रिपाठी

जाने कैसा ये दौरे सियासत है।
हर शख्स दर्द की इबारत है।।

हर सिम्त घात में हैं राहजन।
या खुदा ये कैसी आफत है।।

अब कौन करे भला जिक्रे महबूब।
मुश्किलों की ही जब इनायत है।

किस तरह बचाये कोई खुद को।
राह में जब बिछी अलामत है।।

महफूज रखे है तो मां की दुआ।
वरना लम्हा-लम्हा एक सामत है।।

लग गयी मुल्क को किसकी नजर।
न चैन है न खुशी न कहीं राहत है।।

या खुदा अब कोई तो राह पैदा कर।
यहां सियासत भी अब तिजारत है।।




3 comments:

  1. सुंदर रचना...
    आप की ये रचना आने वाले शुकरवार यानी 6 सितंबर 2013 को नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही है...आप भी इस हलचल में सादर आमंत्रित है... आप इस हलचल में शामिल अन्य रचनाओं पर भी अपनी दृष्टि डालें...इस संदर्भ में आप के सुझावों का स्वागत है...



    कविता मंच[आप सब का मंच]


    हमारा अतीत [जो खो गया है उसे वापिस लाने में आप भी कुछ अवश्य लिखें]

    मन का मंथन [मेरे विचारों का दर्पण]

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  2. आज का युवा,जो सबसे अधिक भ्रमित है ,जीवन का सही उद्देश्य चुन ले कमर कस ले - तो दिन बहुरते देर नहीं लगेगी

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